
देहरादून 30 सितम्बर
गजेंद्र सिंह
रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून में “स्वस्थ नारी, सशक्त नारी” के तहत महिला उत्थान, आत्मनिर्भरता और नवाचार विषय पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कांडपाल व कुलपति हिमाशु ऐरन ने दीप प्रज्ज्वलित कर संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की इस सार्थक पहल की प्रशंसा की और कहा कि समाज के वास्तविक उत्थान की राह महिलाओं के आत्मविश्वास और उनके सशक्त योगदान से ही होकर गुजरती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि “सशक्त समाज की बुनियाद एक सशक्त नारी ही रख सकती है। आज का युग कृत्रिम बुद्धिमत्ता और AI का युग है और यदि महिलाएं सकारात्मक ढंग से इस तकनीक का प्रयोग करना सीख लें तो वे न सिर्फ़ अपने लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और सशक्त भविष्य गढ़ सकती हैं।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री संवेदना शुक्ला ने कहा कि लड़कियों और लड़कों के बीच की खाई केवल अवसर और दृष्टिकोण की खाई है। यदि समाज इस अंतर को मिटा दे तो हमारी अगली पीढ़ी अधिक संवेदनशील और न्यायपूर्ण बनेगी।
युवा उद्योगपति विनम्र ऐरन ने युवाओं को उद्यमिता और अन्वेषण की दिशा में प्रेरित किया। उनका व्याख्यान न केवल सूचनाप्रद बल्कि प्रेरणादायक भी रहा। उन्होंने AI टेक्नोलॉजी पर आधारित क्विज गतिविधियों का आयोजन किया। जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी रोचक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया। इस अवसर पर अभिषेक, मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल सहित प्रो वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, डीन, प्रिंसिपल, एचओडी और एचओआई सहित सभी विभागों के शिक्षकों और विद्यार्थियों मौजूद थे।
