
पौड़ी 6 दिसम्बर
गजेंद्र सिंह
प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मेले का आज विकासखंड थलीसैंण क्षेत्र में भव्य आयोजन हुआ। भक्तों ने बूंखाल कालिंका मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामनाएं की। प्रशासन द्वारा की गयी सुचारु व्यवस्थाओं की श्रद्धालुओं ने व्यापक सराहना की।
बूंखाल कालिंका मेले के दौरान बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की गयी है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुचारू यातायात प्रबंधन हेतु जिला प्रशासन ने शटल सेवा की शुरुआत की है, जिससे संपूर्ण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सहज हो गयी है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित अंतर विभागीय बैठक में चोपड़ा से बूंखाल मंदिर तक शटल सेवा हेतु विस्तृत रूपरेखा बनाई गई थी। करीब 40 वाहनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया गया। एक तरफ़ का किराया 25 रुपए रखा गया, जिससे लोगों को किफायती व सुगम परिवहन उपलब्ध हुआ। शटल सेवा के चलते पूरे मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं बनी। श्रद्धालु प्रीतम सिंह नेगी, भोपाल सिंह रावत और सुमन सिंह सहित अन्य ने इसे प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे भक्तों को बड़ी सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि शटल सेवा होने से जाम की स्थिति भी नहीं बनी रही।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शटल सेवा, पार्किंग प्रबंधन और यातायात नियंत्रण की निगरानी निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने बताया कि यह पहल मेले की भीड़ को व्यवस्थित करने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
एआरटीओ मंगल सिंह ने बताया कि शटल सेवा के कारण यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रही और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मंदिर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए शटल सेवा जारी रखी जाएगी।
