
ऋषिकेश 9 दिसम्बर
गजेंद्र सिंह
कामाख्या धाम पहुंचे गुरुजी अवधूता परमहंस स्वामी समर्पणानंद सरस्वती इस मौके पर उन्होंने कन्या पूजन, शक्ति-संदेश और संस्कृति संरक्षण का आह्वान किया।
असम के नीलांचल पर्वत पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर, जिसे भारत के 51 शक्तिपीठों में प्रमुख स्थान प्राप्त है और तांत्रिक साधना का वैश्विक केंद्र माना जाता है, वहाँ आज का दिन विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा रहा। मंदिर में गुरुजी अवधूता परमहम्स स्वामी समर्पणानंद सरस्वती का आगमन हुआ, जिसने भक्तों में नई उत्साह और दिव्यता का संचार हुआ।

इस अवसर पर मां कामाख्या की आराधना की और विश्वकल्याण, शांति और मानवता की उन्नति की प्रार्थना की। और कन्या-पूजन स्त्री शक्ति का जीवंत सम्मान कार्यकर्म के अंतर्गत गुरुजी ने छोटी बालिकाओं के चरण धोए उन्हें सम्मान पूर्वक आसन पर बैठाया और उपहार प्रदान किए।
इस पूजा अर्चना में गुरुजी के साथ इस विशेष अवसर पर प्रोफेसर अनामिका देवीजी, फ्रांस से आए अध्यात्म-प्रेमी मार्टिन विश्वनाथ, तथा देश-विदेश से आए कई शिष्य उपस्थित रहे।
