
ऋषिकेश 15 दिसम्बर
गजेंद्र सिंह
कोल्लूर, कर्नाटक में ऋषिकेश के आध्यात्मिक गुरु अवधूत श्री स्वामी समर्पणानंद सरस्वती ने कोल्लूर के मूकांबिका मंदिर के दर्शन कर मंदिर में पूजा पाठ किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्व शांति और पर्यावरण संतुलन के लिए प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने भक्तों को ध्यान साधना का मार्ग बताया। बता दें कि इस मंदिर को लगभग 800 ईस्वी में आदि गुरु शंकराचार्य ने पुनः स्थापित किया था, और यह आध्यात्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का एक खजाना है।
मंदिर के अनुसार, यह वह स्थान है जहां मूकांबिका देवी ने आदि शंकराचार्य को स्वप्न में प्रकट होकर मूर्ति स्थापित करने का निर्देश दिया था। यह मंदिर भारत के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति पीठों में से एक है, जो दूर-दूर से भक्तों को आकर्षित करता है।
मूकांबिका मंदिर उन लोगों के लिए एक आवश्यक यात्रा स्थल है जो आध्यात्मिक शांति और दिव्य से जुड़ना चाहते हैं। इसका शांत वातावरण, आश्चर्यजनक दृश्य, और समृद्ध इतिहास इसे एक अनोखा अनुभव बनाता है।
