
पौड़ी 27 जनवरी
गजेंद्र सिंह
अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 की धारा 20 के अंतर्गत आज जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार द्वारा जिला कारागार पौड़ी गढ़वाल का मासिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कारागार की प्रशासनिक व्यवस्था, विभिन्न बैरकों की स्थिति, महिला एवं पुरुष बंदियों तथा 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवा कैदियों का पृथक्-पृथक् निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों की वर्तमान स्थिति का आकलन करना एवं उनके सुधार तथा पुनर्वास की संभावनाओं को समझना रहा।
इस दौरान बंदियों से संवाद कर उनकी पारिवारिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं सामाजिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की गयी, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु आवश्यक प्रयास किए जा सकें। आजीवन कारावास तथा 20 वर्ष या उससे अधिक सजा प्राप्त कैदियों से विशेष रूप से बातचीत कर उनकी मानसिक एवं पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली गयी।
महिला बंदियों से उनके बच्चों एवं परिवार से संबंधित विवरण प्राप्त किया गया तथा बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण से जुड़े आवश्यक संपर्क सूत्र साझा किए गए।
जिला परिवीक्षा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण में पाया गया कि जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाएँ संतोषजनक हैं तथा कारागार की दैनिक कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने निरीक्षण के उपरांत निर्देश दिए कि 7 वर्ष या उससे कम सजा वाले बंदियों का विस्तृत विवरण संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें परिवीक्षा पर छोड़े जाने की संभावनाओं पर विचार कर आवश्यक रिपोर्ट जिला न्यायाधीश, पौड़ी गढ़वाल को प्रस्तुत की जा सके।
निरीक्षण के दौरान जेलर डीपी सिन्हा, डिप्टी जेलर गौरव टम्टा सहित अन्य उपस्थित रहे।
