
पौड़ी 1 जून
गजेंद्र सिंह
सड़क सुरक्षा के प्रति युवाओं में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोटद्वार स्थित भगवंत ग्लोबल विश्वविद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरुकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ हेलमेट एवं फर्स्ट एड किट का वितरण भी किया गया।
कार्यशाला का संचालन आरटीओ विमल पाण्डेय ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणामों तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसमें युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में दुर्घटनाओं के दौरान अपनायी जाने वाली त्वरित प्रतिक्रिया तथा “गोल्डन ऑवर” के महत्व पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा घायल व्यक्ति का जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सेवाओं से संपर्क और दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर न केवल स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि समाज में भी जागरुकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान चयनित विद्यार्थियों को हेलमेट एवं फर्स्ट एड किट वितरित किए गए। वक्ताओं ने हेलमेट को सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों से बचाने वाला सबसे प्रभावी सुरक्षा उपकरण बताते हुए इसके नियमित उपयोग पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति समाज को जागरुक करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं महाविद्यालय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
