
पौड़ी 17 जून
गजेंद्र सिंह
कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित करने तथा किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के लगभग 130 किसानों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यान, पशुपालन तथा अन्य विभागों की योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। प्रगतिशील किसानों के अनुभव अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक सशक्त और लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल ने कहा कि रासायनिक खाद एवं उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अरदीप ने प्राकृतिक खेती के महत्व, इसके दीर्घकालिक लाभ तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत कम करती है, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, किसान आयोग के सदस्य ओमप्रकाश जुगरान, फसल बीमा समन्वयक राकेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
