
पौड़ी 25 जून
गजेंद्र सिंह
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला कारागार में विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों, उससे जुड़े कानूनी पहलुओं तथा नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर में मुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता कमल प्रसाद बमराड़ा एवं सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता विनोद कुमार ने बंदियों को मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है तथा इससे दूर रहकर ही स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, अपराध की गंभीरता तथा इसके लिए निर्धारित दंडात्मक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से बताया। साथ ही बंदियों को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नशामुक्त भारत के लिए मादक द्रव्य जागरुकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलायी गयी तथा नशीले पदार्थों से दूर रहने एवं अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरुक करने का संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर कारागार अधीक्षक कौशल कुमार, डिप्टी जेलर गौरव टम्टा सहित अन्य उपस्थित थे।
