
यमकेश्वर 27 जून
गजेंद्र सिंह
यमकेश्वर विकासखंड के थनूर गाँव में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद और तकनीकी एजेंसी हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर (हार्क) देहरादून के द्वारा रीकैपफारएनडीसी परियोजना के तहत उत्तराखण्ड के स्थानीय समुदायों के लिए वन परिदृश्य पुरर्स्थापना पर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों को वन, जैव विविधता, जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, मिट्टी संरक्षण, जलवायु संतुलन के बारे में जानकारी दी गई।
जागरूकता एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को पर्यावरण संरक्षण एवं इससे जुड़े घटक जैसे जल, जगंल और जमीन के संरक्षण के प्रति जागरूक करना, उनके ज्ञान में वृद्धि कर उन्हे इस विषय के प्रति संवेदनशील बनाना है। RECAP4NDC का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने तथा भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (Nationally Determined Contributions NDCs) प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करना है।
वन केवल पेडों का समूह नहीं है बल्कि वन जैव विविधता, जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, मिटटी संरक्षण तथा जलवायु संतुलन के आधार है। बढ़ते शहरीकरण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण वन क्षेत्रों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में “वन परिदृश्य पुनर्स्थापन” की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इसका अर्थ है क्षतिग्रस्त या अवनत वन क्षेत्रों को पुनजीवित करना, स्थानीय जैव विविधता को बढ़ावा देना तथा समुदायों को पर्यावरणीय और सामाजिक लाभ प्रदान करना।
इस मौके पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के सलाहकार मोनिस मलिक ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और जैव विविधता के कारण जलवायु परिवर्तन हो रहा है जिससे खेती में हो रहे नुकसान के बारे में जानकारी दी उन्होंने ग्रामीणों को प्राकृतिक जल स्रोत के समीप बांज आदि के वृक्ष लगाने के लिए जागरूक किया जिससे प्राकृतिक स्रोतों का जल बढ़ सके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को समूह के माध्यम से खेती करने के गुर सिखाएं और कहा कि समूह में खेती करने से महिलाएं अपने उत्पादन को आसानी से बेच सकती हैं जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर भी बन सकती हैं और कहा कि रीकैपफारएनडीसी परियोजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम में जगदंबा प्रसाद (हार्क टीम लीडर), मोनिस मलिक सलाहकार (ICFRE), डा० पूजा उनियाल, कर्मवीर सिंह और महिला मंगल दल मौजूद रहे।
