
पौड़ी 23 मई
गजेंद्र सिंह
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में ऐनकार्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में नशीले पदार्थों की रोकथाम, तंबाकू नियंत्रण, प्रवर्तन कार्रवाई, नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाएं, जनजागरुकता अभियान तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस विभाग द्वारा प्रोजेक्ट मानस के अंतर्गत की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए इसे व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में संचालित किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कोटपा अधिनियम (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003) के अंतर्गत की गई चालानी कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानावार एवं विभागवार चालानों का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों एवं बाजार क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग पर नियमित निगरानी रखी जाए।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985) के तहत दर्ज अभियोगों, बरामदगी तथा अभियुक्तों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दर्ज मामलों की नियमित निगरानी की जाए तथा विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों को केवल पंजीकृत कर छोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने इसके विरुद्ध सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे मामलों पर न्यायालय में फॉलोअप करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में जनजागरुकता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शिक्षण संस्थानों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, कानूनी प्रावधानों एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से कोटद्वार एवं श्रीनगर क्षेत्र के कॉलेजों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच संवाद कार्यक्रम, काउंसलिंग सत्र एवं जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने को कहा, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में आने से रोका जा सके।
बैठक में मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण एवं उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मेडिकल स्टोरों में बिना चिकित्सकीय परामर्श के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पंजीकृत मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें नियमों, लाइसेंस शर्तों एवं दवा वितरण संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जा सके।
बैठक में नशामुक्ति केंद्रों के औचक निरीक्षण की जानकारी भी साझा की गई। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि नशामुक्ति केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, उपचार व्यवस्था एवं ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का विस्तृत परीक्षण कर उसका विश्लेषण किया जाए। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित व्यक्तियों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि समुचित परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं एसडीएम कोटद्वार को संयुक्त रूप से नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में प्रभावी एवं व्यवस्थित नशामुक्ति सेवाओं की आवश्यकता है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को गांव स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के काउंसलरों को भी युवाओं के बीच नशामुक्ति संबंधी काउंसलिंग करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने टेली मानस सेवा का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद एवं नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को समय पर परामर्श उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 18008914416 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि नशामुक्ति विषय पर डायट द्वारा तैयार की जा रही बुकलेट को शीघ्र अंतिम रूप देकर विद्यालयों, कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में वितरित किया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को जागरूक किया जा सके।
बैठक में आगामी विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने प्रस्तावित कार्यक्रमों को स्वीकृति प्रदान करते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग संयुक्त रोस्टर तैयार कर नियमित रूप से नशीले पदार्थों एवं तंबाकू उत्पादों के विरुद्ध चलानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का विषय है और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, सीओ तपेश कुमार चंद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र खाती, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पाण्डेय, एसडीओ वन आयशा बिष्ट सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
