
ऋषिकेश 13 जून
गजेंद्र सिंह
रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित शोक सभा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद हवाई दुर्घटना में मारे गए लोगों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री स्व. इंदिरा हृदयेश की चौथी पुण्यतिथि पर उनको याद किया।
महानगर अध्यक्ष राकेश सिंह एवं वरिष्ठ कांग्रेसी मदन मोहन शर्मा ने कहा की उत्तराखंड के कद्दावर नेताओं में शुमार डॉ. इंदिरा हृदयेश ने 1962 में समाजसेवा का व्रत लेकर राजनीति में प्रवेश किया और उत्तराखंड की राजनीति के शिखर तक पहुंचीं इंदिरा हृदयेश को उत्तराखंड की राजनीति में ‘आयरन लेडी’ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत उत्तर प्रदेश से की थी। उनकी राजनीतिक पारी उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष के रूप में समाप्त हुई। इंदिरा हृदयेश 33 साल की उम्र में 1974 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बनी।
इंदिरा हृदयेश की काबिलियत ही थी कि उनकी गिनती कांग्रेस के बड़े नेताओं में की जाती थी। उसके बाद फिर से 1986, 1992 और 1998 में भी वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य चुनी गई। 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड अलग राज्य बनने पर अंतरिम सरकार बनी तो इंदिरा हृदयेश विपक्ष की नेता चुनी गई। मार्च 2002 में उत्तराखंड में पहली विधानसभा के लिए चुनाव हुए, इंदिरा हृदयेश हल्द्वानी से विधायक चुनी गईं।
कांग्रेस पार्षद दल नेता देवेंद्र प्रजापति एवं ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि कल 12 जून को अहमदाबाद में जो भयानक विमान हादसा हुआ है उसमें अब तक लगभग 298 लोगों के मरने की खबर सामने आ रही है जो बहुत ही दुख:द है, सरकार को इसकी गहनता से जांच करनी चाहिए कि इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया अगर कोई इसमें दोषी पाया जाता है तो उसको कड़ी सजा दी जानी चाहिए। ताकि ऐसे भयावह हादसों पर रोक लगा सके। इस अवसर पर प्रदीप जैन, राकेश अग्रवाल, ऋषि सिंघल, पार्षद भगवान सिंह पवार, पार्षद सरोजिनी थपलियाल, राजेंद्र कोठारी, रुकम पंवार, श्रीमती कमलेश शर्मा, मधु मिश्रा, राजेश शर्मा, अशोक शर्मा, भूपेंद्र राणा, सुमित चौधरी,ओम सिंह पवार, नीरज चौहान आदि उपस्थित थे।
