
ऋषिकेश 7 अप्रैल
गजेंद्र सिंह
प्राचीन लक्ष्मण मंदिर तपोवन में संत सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें ऋषिकेश के सभी संतो ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
प्राचीन लक्ष्मण मंदिर से संतो ने चरण पादुका को लेकर महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य महाराज की अध्यक्षता में नगर क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। बैंड बाजे के साथ और ऋषि कुमारो की ओर से स्वस्तिवाचन और पुष्प वर्षा के साथ यात्रा लक्ष्मण झूला स्थित लक्ष्मण घाट पर पहुंची जहां चरण पादुका का पूजन कर यात्रा दोबारा लक्ष्मण मंदिर पहुंची। इस दौरान मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें सभी भक्तों ने प्रसाद स्वरूप भोजन ग्रहण किया।

सम्मेलन का आयोजन द्वाराचार्य जगद्गुरु स्वामी दयाराम दास महाराज की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें सभी मठ मंदिरों के श्री महंत जगतगुरु महामंडलेश्वर सम्मेलन में उपस्थित रहे। इस अवसर पर द्वाराचार्य जगतगुरु स्वामी दयाराम दास महाराज ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है तब-तब प्रभु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए प्रकट हो जाते हैं। इसी तरह कलयुग में भी संतों के रूप में भगवान स्वयं अपने भक्तों को सदमार्ग में लाने के लिए संतों के द्वारा प्रेरणा देने चले आते हैं। उनकाे सदमार्ग में लगाकर सेवा भाव और समर्पण का रास्ता दिखाते हैं।
महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने कहा जिस प्रकार प्रभु श्री राम ने अपना राज पाठ सब त्याग कर वन को चले गए उन्होंने गुरु परंपरा का निर्वाह करते हुए राक्षसों का वध कर मर्यादा पुरुषोत्तम राम कहलाए। हमें भी राम लक्ष्मण और सीता मैया जैसी सेवा भाव और समर्पण अपने अंदर लाना होगा। और हम सबको मिलकर पुनः राम राज्य स्थापित करना है। हमारे भारत ही नहीं पूरे विश्व में जहां-जहां प्राचीन मठ मंदिर है उनकी रक्षा हम सनातनियों को करनी होगी जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी हमारे पुराने संस्कारों को ना भूले। और सभी सनातन की रक्षा करें।
तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि प्राचीन लक्ष्मण मंदिर के इतिहास को महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य महाराज द्वारा लिखित प्राचीन लक्ष्मण मंदिर इतिहास पुस्तिका का विमोचन बड़ी धूमधाम के साथ किया गया। और इस पुस्तिका में राम लक्ष्मण के चरित्र को अच्छे से समझाया गया है और सभी सनातनियों को इस मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर द्वाराचार्य जगतगुरु स्वामी दयाराम दास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ईश्वर दास महाराज, महंत श्री गोपालाचार्य महाराज, महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज, महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, स्वामी केशव स्वरूप ब्रह्मचारी, तपोवन नगर पालिका अध्यक्ष विनीता बिष्ट, नंदू भंडारी, अशोक शर्मा, महंत गोपाल शर्मा, दिनेश शर्मा, विपिन शर्मा, मनीष शर्मा, अंशुल शर्मा, महंत निर्मल दास, रविंद्र दास, सुभाष डोभाल, रामाबल्लभ भट्ट, लेखराज भंडारी आदि संत उपस्थित रहे।
