
ऋषिकेश 29 सितम्बर
गजेंद्र सिंह
मूल निवास 1950, सशक्त भू कानून, बढ़ते नशे और अपराध के खिलाफ आज ऋषिकेश क्षेत्र के साथ ही पहाड़ व मैदानी क्षेत्र के लोग हजारों की संख्या में ऋषिकेश के आईडीपीएल स्थित फुटबॉल मैदान में एकत्रित हुए। तथा वहां से मूल निवास भू कानून समन्वयक संघर्ष समिति उत्तराखंड के संयोजक मोहित डिमरी के नेतृत्व में
आईडीपीएल स्थित फुटबॉल मैदान से त्रिवेणी घाट के गांधी स्तंभ तक हाथों में तखतियां लेकर व नारेबाजी कर मूल निवास स्वाभिमान महारैली निकाली।

मूल निवास स्वाभिमान महारैली में युवाओं, बालिकाओं, महिलाओं, बच्चे व बुजुर्गों जन सैलाब उमड़ पड़ा। लग रहा है कि लोगों के इस जन सैलाब को देखकर धामी सरकार जरूर हिल गई होगी। लोगों ने हाथ में तखतियां लेकर नारेबाजी करते हुए कहा कि मूल निवास 1950, सशक्त भू कानून हमारा अधिकार है जब तक सरकार इसे हमें नहीं देती है वह चुप नहीं बैठेंगे। स्वाभिमान महारैली में बोल पहाड़ी हल्ला बोल, तुम हमसे क्या जीतोगे सहित कई नारे गूंज रहे थे। आईडीपीएल के फुटबॉल मैदान और त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर हुई जनसभा को संबोधित करते हुए मूल निवास भू कानून समन्वयक संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि सरकार ने आज की मूल निवास स्वाभिमान महा रैली को देखते हुए हमें केवल एक जुमला दिया है कि वह जल्द ही सशक्त भू कानून लागू करेगा उन्होंने कहा कि आज अपने ही राज्य में मूल निवासियों की पहचान का संकट खड़ा हो गया है। अब हमारे अपने ही प्रदेश में कोई हैसियत नहीं रह गई है। हमारी पहचान के साथ ही हमारी संस्कृति, नौकरी, रोजगार, जमीन सहित तमाम आर्थिक संसाधनों पर बाहर से आए लोगों का कब्जा होता जा रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण मूल निवास 1950 की व्यवस्था को खत्म करना और कमजोर भू कानून लागू होना है। कहा कि एक आंकड़े के मुताबिक आज उत्तराखंड में भारी राज्यों से 50 लाख से अधिक लोग आ चुके हैं। इसमें से अधिकतर ऐसे हैं जिन्होंने अपने फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाए हैं। जिसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर सरकार इस रैली को देखते हुए जल्द से जल्द कोई फैसला नहीं लेती तो उत्तराखंड की जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। हमें उत्तराखंड 1950 भू कानून चाहिए। यही उत्तराखंड की जनता चाहती है। इस मौके पर पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, पांजल नौडियाल, हिमांशु रावत, एलपी रतूड़ी, मोहन रावत, शशि रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य भाग दो प्रभाकर पैन्यूली, एडवोकेट लालमणि रतूड़ी, हिमांशु बिजल्वाण, एडवोकेट लक्ष्मण सिंह राणा, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता धूम सिंह भंडारी, शूरवीर सिंह रावत, कुसुम जोशी, कमल राणा, सुनीता देवी, रजनी देवी, लक्ष्मण सिंह चौहान, आशुतोष शर्मा, गैणी देवी, भगवती प्रसाद सेमवाल हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।
