
ऋषिकेश 2 मार्च
गजेंद्र सिंह
उत्तराखंड शासन के कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव, दीपक कुमार गैरोला ने परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट की। उन्होंने संस्कृत भाषा की शुद्धता और शुद्ध रूप से मंत्रों के उच्चारण हेतु साहित्य उपलब्ध कराने के लिए निवेदन किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि संस्कृत में मंत्रों का शुद्धता के साथ उच्चारण नहीं होगा तो संस्कृत नहीं बचेगी, संस्कृत नहीं बचेगी तो संस्कृति भी नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन सदैव संस्कृत विद्यालयों में भाषा और भाव को बचाने के लिए तैयार है।
स्वामी जी ने उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा की कि उत्तराखंड राज्य में संस्कृत भाषा को राज्य भाषा का दर्जा देने के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं वह अद्भुत हैं। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन पूर्ण रूप से राज्य सरकार के साथ कार्य करने के लिए सदैव तैयार है।
