
यमकेश्वर 17 जून
गजेंद्र सिंह
यमकेश्वर तहसील में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन होना था जिसके चलते ग्रामीण फरियाद लेकर तहसील पहुंचे। लेकिन तहसील में कोई भी अधिकारी मौजूद न होने के कारण ग्रामीणों को बैरंग लौटना पड़ा। तहसील प्रशासन के खिलाफ किया ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन।
दरअसल यमकेश्वर तहसील में तहसील दिवस का आयोजन मंगलवार को होना था लेकिन तहसील प्रशासन ने तहसील दिवस का आयोजन यमकेश्वर तहसील में ना करके गीता भवन में करवा दिया। जिससे तहसील में पहुंचे ग्रामीणों में रोष देखने को मिला।
बता दें कि 40-40 किलोमीटर दूर से तहसील दिवस में अपनी शिकायत लेकर ग्रामीण तहसील पहुंचे लेकिन तहसील में कोई भी अधिकारी मौजूद न होने के कारण उन्हें खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा।
इस मामले में जानकारी देते हुए (निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गुमालगांव) विनोद डबराल ने बताया कि तहसील में बहुत दूर-दूर से लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लेकिन तहसील प्रशासन ने अपनी सुविधा को देखते हुए तहसील दिवस का आयोजन गीता भवन में कर दिया उन्होंने बताया कि जब तहसील यमकेश्वर में है तो तहसील दिवस का आयोजन गीता भवन में क्यों किया जा रहा है और कहा कि यमकेश्वर तहसील में कोई भी अधिकारी नहीं बैठता और नाजीर के भरोसे यमकेश्वर तहसील चल रहा है जिससे ग्रामीणों के बहुत सारे काम रुक रहे हैं इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। तहसील दिवस में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि यमकेश्वर तहसील से गीता भवन की दूरी 50 किलोमीटर है ऐसे हम अपनी फरियाद लेकर गीता भवन कैसे जा सकते हैं इस मौके पर तहसील में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों के अंदर तहसील में अधिकारी विधिवत नहीं बैठेंगे तो वह तहसील में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे। धरना देने वालों में सतेंद्र सिंह (निवर्तमान प्रधान बिथ्याणी), विनोद डबराल (निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गुमालगांव), बलवीर सिंह, संतोष उनियाल, सोहन सिंह, मोहन सिंह, गोमती देवी, विमला देवी, कांता देवी, ऊमा सिंह,पूरन सिंह आदि मौजूद रहे।
