
ऋषिकेश 22 मई
गजेंद्र सिंह
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंज प्यारों की अगुवाई में हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए पहले जत्थे को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने संगतों और तीर्थयात्रियों की सुगम व सुरक्षित यात्रा की कामना की। हेमकुंट साहिब के कपाट इस वर्ष 25 मई को खोले जाएंगे।
इस अवसर पर राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि हेमकुंड साहिब की यात्रा आस्था, भक्ति और विश्वास की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार हेमकुंड साहिब यात्रा को अधिक सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्यपाल ने प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्लास्टिक मुक्त यात्रा को अपनाएं और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा दें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हेमकुंड साहिब की यात्रा हमारे राज्य की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम संगम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सुगम यात्रा के लिए गोविंदघाट में वैली ब्रिज का निर्माण करवाया है और जल्द ही स्थायी ब्रिज का निर्माण भी कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के लिए रजिस्ट्रेशन किया है और चार धाम यात्रा के लिए 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है।
*चैटबॉट का प्रदर्शन*
कार्यक्रम के दौरान एआई संचालित चैटबॉट ‘इटरनल गुरु’ के अपग्रेडेड वर्जन का प्रदर्शन किया गया। यह चैटबॉट गुरवाणी पर आधारित है और श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के आध्यात्मिक मार्गदर्शन और शिक्षाओं को तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने में सक्षम है। चैटबॉट को उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सहयोग से तैयार किया गया है।
इस अवसर पर हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, रेनू बिष्ट, स्वामी चिदानंद सरस्वती, निर्मल आश्रम के अध्यक्ष जोत सिंह महाराज, निर्मल अखाड़ा प्रमुख श्रीमंत ज्ञान देव महाराज, कुलपति तकनीकी विश्वविद्यालय प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री आदि मौजूद रहे।
