चंपावत 4 अक्टूबर
गजेंद्र सिंह
भारत-नेपाल सीमा पर बनबसा के पास एनएचपीसी परिसर में रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैबिनेट बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी आयोजित की जाएंगी। जिससे स्थानीय समस्याओं, जन अपेक्षाओं और क्षेत्रीय विकास की जरूरतों को सीधे शासन के सामने रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का फोकस इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने तथा लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें होने से स्थानीय परिस्थितियों को समझकर क्षेत्र विशेष से जुड़े विषयों पर त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे।
कैबिनेट को भेंट की ‘फर्रा/छन्तोली’
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा से जुड़ी पारंपरिक ढाल ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई। बांस या रिंगाल की खपच्चियों से बनी यह ढाल चंपावत की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है।
